Thursday, June 4, 2009

शायरी 22

मेरी जुबां पर कुछ शब्द आते है
अक्सर होठों पर आकर ठहर जाते है
तन्हाई में अक्सर कुछ कहा जाते है
जब तुम सामने होते हो चुप रहा जाते है

-------------रतन दीप जैन--------------

meri juba par kuch shabd aate hai
aksar hothon par aakar Thahar jaate hai
tanhai me aksar kuch kaha jate hai
jab tum samane hote ho chup raha jate hai


----------RATN DEEP JAIN-----------

4 comments:

गिरिजेश राव, Girijesh Rao said...

स्वागत है।

शेर में बहुबचन सन्दर्भित होने से 'है' की ज़गह 'हैं' होना चाहिए। 'कहा जाते है' की जगह 'कह जाते हैं' और 'चुप रहा जाते है' की जगह 'चुप रह जाते हैं'। कृपया बुरा न मानें। मन नहीं माना इसलिए टिप्पणी कर बैठा।

word verification रखा हो तो हटा दें। कष्टकारी है।

Unknown said...

aapka swagat hai

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

hota hai, hota hai. narayan narayan

hindi-nikash.blogspot.com said...

आज आपका ब्लॉग देखा.... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है कि आपके शब्दों को नये अर्थ, नयी ऊंचाइयां एयर नयी ऊर्जा मिले जिससे वे जन-सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का सार्थक माध्यम बन सकें.
कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारें-
http://www.hindi-nikash.blogspot.com

सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर